चारों तरफ मजहब के नाम पर बवाल मचा है। मंदिर दिख रहे हैं, केसरिया झंडे लहरा रहे हैं। बम धमाकों के शिकार लोग कराह रहे हैं, अगले दिन के अखबारों की कतरनें दिख रही हैं।

राह भटक चुका मुस्लिम युवक (प्रतीक बब्बर) आतंकवादी गतिविधियों में शामिल है। पुलिस वाले (रजत कपूर की अगुआई में) शिकार की तलाश में हैं। युवक का परिवार निशाने पर है। परिवार के मुखिया (ऋषि कपूर) को, तेज तर्रार वकील (तापसी पन्नू) की मदद से, अदालत में अपनी बेगुनाही साबित करनी होगी। पहले से मन बना चुका एक वकील (आशुतोष राणा) है, जिसका हर तर्क मजहबी रंगों से सराबोर है।


अनुभव सिन्हा की मुल्क इरादों से नेक लगती है लेकिन ये फिल्म उन फिल्मों की लिस्ट में तो शामिल नहीं हो जाएगी जो एक 
अच्छे मुसलमान को  एकदेशभक्त मुसलमान की बराबरी में ला खड़ा करती हैं। एक मौका ऐसा भी आता है जब ऋषि कपूर का किरदार अपने मुस्लिम पड़ोसियों से कहता है कि अगर खुद को पाकिस्तानी कहलाना बंद करना है तो उन लोगों को क्रिकेट मैच में पाकिस्तान की जीत पर पटाखे छुड़ाना बंद करना होगा।

दीपक मुकुट और अनुभव सिन्हा मुल्क के निर्माता है और ये फिल्म 3 अगस्त को रिलीज़ हो रही है।

फिल्म का पूरा ट्रेलर यहां देख सकते हैं:

Adapted by Pankaj Shukla, consulting editor 

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